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Inverter Battery Care: इन्वर्टर बैटरी में कब बदलें पानी? जानें सही टाइम और तरीका

क्या आपकी इन्वर्टर बैटरी जल्दी खराब हो रही है या बैकअप समय कम हो गया है? अक्सर इसकी वजह पानी बदलने में की गई लापरवाही होती है। जानें इन्वर्टर बैटरी में पानी बदलने का सही समय, आसान तरीका और वे ज़रूरी टिप्स जो बैटरी की लाइफ बढ़ाकर आपको लंबे समय तक बेहतरीन परफॉर्मेंस दिला सकते हैं।

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आज के समय लाइट जाने की समस्या से राहत पाने के लिए अधिकतर लोग अपने घरों में इन्वर्टर रखना बेहतर विकल्प मानते हैं। हालांकि इन्वर्टर डिवाइस लंबे समय तक काम करे इसके लिए डिवाइस की देखभाल के साथ-साथ इन्वर्टर बैटरी का ध्यान (Inverter Battery Care) रखना भी बेहद ही जरूरी है। अगर बैटरी की केयर सही से नहीं की जाती तो इसकी लाइफ कम हो जाती है, इन्वर्टर को ठीक से चलाने के लिए उसमें सही समय और सही तरीके से पानी भरना जरूरी होता है।

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लेकिन अधिकतर लोगों के मन में यह कन्फ्यूजन बनी रहती है की इन्वर्टर बैटरी में पानी कब और किस तरीके से भरना चाहिए? जिससे बैटरी में कोई खराबी न हो, तो चलिए जानते हैं इससे जुडी पूरी जानकारी।

इन्वर्टर बैटरी में कब डालना चाहिए पानी?

बता दें, इन्वर्टर बैटरी की बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ के लिए इसमें पानी बदलना बेहद ही जरुरी है। लेकिन इन्वर्टर बैटरी में पानी बदला नहीं जाता, बल्कि समय-समय पर इसे डिस्टिल्ड वाटर से रिफिल किया जाता है। बैटरी में कोई सामान्य पानी यूज नहीं किया जाता, केवल डिस्टिल्ड वाटर ही यूज किया जाता है। बैटरी में पानी बदलने के लिए आपको हर 30 से 45 दिन में बैटरी के वाटर लेवल को चेक करना चाहिए, खासतौर पर जब इन्वर्टर का इस्तेमाल अधिक होता है तो 1 से 2 महीने में एक बार ये चेक करना जरूरी है।

नए मॉडल वाली इन्वर्टर बैटरी में लेवल इंडिकेटर दिए गए होते हैं, जिससे पानी का लेवल चेक करना और आसान हो जाता है। इससे पानी का लेवल कब और कितना कम हुआ है इसकी जानकारी मिल जाती है। पानी का लेवल हमेशा Maximum और Minimum के बीच होना चाहिए। यदि लेवल मिनिमम के नीचे तो इसका मतलब है की बैटरी में पानी की आवश्यकता है, जैसे ही आपको लगे की पानी कम हो रहा है तो आप उसमें डिस्टिल्ड वाटर तय सीमा तक भर सकते हैं।

कैसे भरें इन्वर्टर बैटरी में पानी?

इन्वर्टर बैटरी में पानी भरने से पहले यह ध्यान रखना बेहद ही जरुरी है की बैटरी में केवल डिस्टिल्ड वाटर का ही इस्तेमाल किया जाए। नल या आरओ वाला न भरें। क्योंकि इसमें मौजूद अशुद्ध तत्त्व बैटरी को नुक्सान पहुंचाकर उसकी लाइफ कम कर सकते हैं। बैटरी में पानी भरते समय यह सुनिश्चित करें की बैटरी पूरी तरह चार्ज हो और बिजली की सप्लाई बंद हो, इसके साथ कैमिकल संपर्क से बचने के लिए हाथों में ग्लव्स जरूर पहनें और पानी को धीरे-धीरे भरना शुरू करें जिससे यह इधर-उधर न गिरे। पानी भरने के बाद बैटरी की कैप अच्छे से बंद करें और यह भी सुनिश्चित करें की बैटरी एक अच्छे वैंटीलेटेड जगह पर रखी हुई है।

Author
Pankaj Yadav

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